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रविवार, 10 मार्च 2024

Romantic Shayari || Break up Shayari || हिन्दी कविता ||

नमस्कार दोस्तों हिन्दी कविता Romantic Shayari || Break up Shayari || Sad Poetry in Hindi  के इस पेज पर आपका स्वागत है। 

यहां आपको heart touching emotional Shayari के साथ साथ हिन्दी कविता और  Romantic Shayari || Break up Shayari || Sad Poetry in Hindi पढ़ने को मिलेंगी ।

मौसम था जो फूलो वाला, अफ़सोस कि वो बीत गया
तूने गले लगाया जिसको, शख्स वो मुझसे जीत गया
सोचा था तू समझेगा तो, होगी कोई कमी नहीं
पर वियोग में यह क्या देखा, उन नयनों में नमी नहीं 
सदानन्द कुमार
समस्तीपुर बिहार

महावीर अशोक बुद्ध कई, नाम गिनो तो आते हैं 
मोती भारत को दिये कई, तिरने पर जब आते हैं
जीवठ हम में जिंदा है, परिवर्तन हम चिंगारी हैं
धीरज शौर्य और साहस का पर्याय हम बिहारी हैं
सदानन्द कुमार
समस्तीपुर बिहार 

लिखकर प्रेम पत्र जो मैंने,तेरे मन पर छोड़ दिया
ठांव लिखा कागज़ पर तेरा,और पता निज जोड़ दिया
पर खाली पन्ने देना तुम, यदि अनुनय स्वीकार नहीं 
बिन अनुमति के प्रिय तुम्हारे, मेरा कुछ अधिकार नहीं सदानन्द कुमार
समस्तीपुर बिहार 

हिन्दी कविता Sadanand Kumar

Romantic Shayari for gf




बुधवार, 17 मई 2023

Hindi Shayari || Poets from Samastipur

Hindi Shayari || Poets from Samastipur

पेज पर आपका स्वागत है। 

आप भी यदि समस्तीपुर और आसपास के लोगों को अपनी शायरी या कविता सुनाना चाहते हैं तो हमें इस नंबर पर व्हाट्स ऐप करें।

9534730777

लिखी अपनी कहानी में तुझे मैंने बताया है

जहां ऐसी जरूरत थी वहां तुझको छिपाया है

रहे तेरी खुमारी में दिया उसका किराया है

लिखा जो कुछ कभी मैंने सुनो वो भी बकाया है


सदानन्द कुमार 

समस्तीपुर बिहार

सभीपुर के कवि सदानंद कुमार









साथ छूटा मैं तमाशा बन गया

ख्वाब टूटा मैं फसाना बन गया

सोचता था मैं अनाड़ी हूं अभी

यार उसका मैं ठिकाना बन गया 


मुहब्बत में दिवानो ने यहां सब कुछ लुटाया है 

असासा बेचकर अपना गिफट उसको दिलाया है

जमाना भूल जाएगा सितम ये की यहां तूने

पुरानी आशिकी के नाम का टैटू छुपाया है

सदानन्द कुमार
समस्तीपुर बिहार


प्रेम करके हमी से छिपाती रही
गीत मेरे हमेशा सजाती रही
हार कर प्रेम में ना कबूला कभी
हार को जीत नित ही बताती रही

हाथ लाली लगाकर दिखाती रही
‍नाम मेरा हिना से बनाती रही
रंग दो ही सुने थे अभी और वो
ओढ़नी पे कई रंग लाती रही
किधर जाएंगे
तुमको लगता है कि सुधर जाएंगे
सदानन्द कुमार
समस्तीपुर बिहार

गुरुवार, 27 अप्रैल 2023

Sad Poetry in Hindi || Broken Heart Shayari

Sad Poetry in Hindi || Broken Heart Shayari पोस्ट पर आपका स्वागत है ।

दोस्तों, Sad Poetry in Hindi और Broken Heart Shayari सदियों से चली आ रही है। ये खुद को व्यक्त करने का एक रूप हैं जो हमें वैसे लोगों से जुड़ने का मौका देता है जिन्होंने ऐसी भावनाओं को जिया हो। ये कविताएँ और शायरियाँ कभी कभी बेहद मार्मिक तो कभी कभी हल्की उदासी लिए हो सकती हैं।


Sad Poetry in Hindi और Broken Heart Shayari के इतने लोकप्रिय होने का एक कारण यह है कि इन कविताओं और शायरियों को लिखने या पढ़ने से हमें अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और अपने दर्द को समझने में मदद मिल सकती है। यह कविताएं जीवन में हमें कम अकेला भी महसूस करा सकता है।


Sad Poetry in Hindi और Broken Heart Shayari सुकून देने के अलावा कभी कभी अविश्वसनीय रूप से सुंदर भी होती है। दिल टूटने के दर्द को बयां करने के लिए हम अक्सर रूपकों और ज्वलंत कल्पना का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, एक broken heart की तुलना टूटे हुए आईने से की जा सकती है, या दर्द को एक तूफानी समुद्र के रूप में बयां किया जा सकता है। ये रूपक कविताओं और शायरियों को और अधिक शक्तिशाली बनाते हैं।


 यदि आप एक कठिन समय से गुजर रहे हैं और कुछ आराम की जरूरत है, तो Sad Poetry in Hindi और Broken Heart Shayari वही हो सकती है जो आपको चाहिए। 

अंत में, Sad Poetry in Hindi और Broken Heart Shayari  अभिव्यक्ति के शक्तिशाली रूप हैं जो हमें दिल टूटने के साथ आने वाली कठिन भावनाओं को दिशा दिखाने में मदद कर सकते हैं। वे हमें याद दिलाते हैं कि हम अपने अनुभवों में अकेले नहीं हैं। यदि आप दिल टूटने से जूझ रहे हैं, तो इस शैली की कविता आपको काफी सुकून दे सकतीं हैं ।

आईए कुछ Sad Poetry in Hindi और Broken Heart Shayari देखते हैं ।


1)

आसमां में एक कविता लिख दूं मैं नाम तुम्हारे

परियां जिसे पढ़ती हो और हमारा प्रेम निहारे

छुप कर कमरे में कविताएं पढ़ने तुम आती हो

ये चंदा और जुगनू सारे जाने हैं मनोभाव तुम्हारे


2)

लिखकर मुझे मिटा दिया, भूल गई मम प्रीत

सजल नयन रो रो कहे, तुम मम मन की मीत

शरद ऋतु की सांझ में गौरैया के गीत

गौरैया भी गा रही, तुम संग मम अतीत


3)

डूब जाने से पहले एक बार, दूर तलक तर लेना था,

भींगे नयनों के कोर से तुमरे, पोर पोर भर लेना था,

ठंडे ठहरे ताल में तुम जब जल तरंग बनाती थी,

 निज भवंर भूल कर सबको तुमसे प्रेम कर लेना था,


सदानन्द कुमार समस्तीपुर बिहार

Sad Poetry in Hindi || Broken Heart Shayari

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